अक्सर हमें लगता है कि हमारी परेशानी की वजह समाज, हालात या दूसरे लोग हैं। लेकिन Yoga Vasiṣṭha हमें एक कड़वा सच सिखाता है: आपकी सबसे बड़ी रुकावट आपके बाहर नहीं, बल्कि आपके मन की हलचल (Vrittis) में है। यह मन ही है जो छोटी सी बात को बवंडर बना देता है और आपको शांति से दूर रखता है।
Dikshaant
Feb 17, 2026
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मन का स्वभाव: कभी न भरने वाला घड़ा
हमारा मन (Mind) स्वभाव से ही अस्थिर (Restless) है। यह कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होता। जैसे ही एक इच्छा पूरी होती है, यह दूसरी के पीछे भागने लगता है। इस अंतहीन दौड़ में हम खुद को खो देते हैं। असली ज्योतिष (Jyotisa) भविष्य देखना नहीं, बल्कि इस भागते हुए मन को "भीतर के प्रकाश" से देखना है।
सबसे कठिन युद्ध: खुद के विचारों से
दुनिया में किसी को हराना आसान हो सकता है, लेकिन अपने ही विचारों के जाल को काटना सबसे मुश्किल काम है। यह एक ऐसा युद्ध है जहाँ आपका दुश्मन अदृश्य है। जब तक आप अपने मन की चालों को समझना शुरू नहीं करते, आप अनजाने में खुद के ही खिलाफ काम करते रहते हैं।
'मौन' का जादू और जागरूकता (Awareness)
हमारा मन हमेशा शोर मचाता रहता है। क्लैरिटी (Clarity) तब आती है जब हम इस शोर के बीच थोड़ा मौन (Silence) और जागरूकता (Awareness) पैदा करते हैं। जब आप अपने विचारों को एक जज की तरह नहीं, बल्कि एक दर्शक की तरह देखना शुरू करते हैं, तो उनकी पकड़ ढीली होने लगती है।
एक विरोधाभास: बंधन भी और मुक्ति भी
यही मन जो आपको बेचैन करता है, वही आपकी मुक्ति (Freedom) का एकमात्र जरिया भी है। योग वाशिष्ठ के अनुसार, मन ही संसार है और मन ही मोक्ष। अगर यह अनियंत्रित है, तो यह जेल है; अगर यह 'Inner Light' से प्रकाशित है, तो यही आपको परम शांति तक ले जाता है।
उलझनों को सुलझाना (Untangling the Mind)
जीवन में स्पष्टता का मतलब समस्याओं का खत्म होना नहीं है, बल्कि मन की उलझनों को सुलझा लेना है। जब आपका मन साफ होता है, तो हर परिस्थिति सहज लगने लगती है। आपको भविष्य की चिंता नहीं सताती, क्योंकि आप वर्तमान की स्पष्टता में जीना सीख जाते हैं।
ज्योतिषा: भीतर के प्रकाश की ओर एक कदम
Jyotisa.org पर हमारा मकसद आपको यह याद दिलाना है कि आप अपने मन के गुलाम नहीं हैं। अपनी जागरूकता (Awareness) को बढ़ाकर आप इस 'करीबी दुश्मन' को अपना सबसे 'वफादार दोस्त' बना सकते हैं। यही आत्म-साक्षात्कार की शुरुआत है।








